श्री लक्ष्मी जी की आरती | Shri Maha Laxmi Ji ki Aarti - Om Jai Laxmi Mata

Shri Maha Laxmi Ji ki Aarti - Om Jai Laxmi Mata

हिन्दू धर्म में माता लक्ष्मी जी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है| माता लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी और धन, सम्पदा, शान्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। माता लक्ष्मी ज़ी की पूजा हर हिन्दू घर में खासकर उत्तर भारतीय राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरयाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखण्ड और अन्य हिंदी भाषी राज्यों में की जाती है| ऐसा माना जाता है की जो भी श्री लक्ष्मी ज़ी की आरती प्रति दिन करता है उसके पास धन की कभी कमी नहीं रहती | माता लक्ष्मी की पूजा से केवल धन ही नहीं बल्कि वैभव भी मिलता है| जिससे माता लक्ष्मी रूठ जाती है उसे दरिद्रता का सामना करना पड़ता है |

माता लक्ष्मी के पूजन में कमल गट्टे, नागकेसर, कमल पुष्प, खीर इत्यादि का प्रयोग करना चाहिए | 

Shri Maha Laxmi Ji Ki Arti in Hindi 

Shri Maha Laxmi Ji Ki Arti in Hindi

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता |

तुमको निशदिन सेवत, हर विष्णु विधाता || जय


ब्रह्माणी रूद्राणी कमला, तू हि है जगमाता |

सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता || जय


दुर्गा रूप निरंजन, सुख सम्पति दाता |

जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता || जय


तू ही है पाताल बसन्ती, तू ही है शुभ दाता |

कर्म प्रभाव प्रकाशक, भवनिधि से त्राता || जय


जिस घर थारो वासो, तेहि में गुण आता |

कर न सके सोई कर ले, मन नहिं धड़काता || जय


तुम बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता |

खान पान को वैभव, सब तुमसे आता || जय


शुभ गुण सुंदर मुक्त्ता, क्षीर निधि जाता |

रत्त्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नही पाता || जय


आरती लक्ष्मी जी की, जो कोई नर गाता |

उर आनन्द अति उपजे, पाप उतर जाता || जय


स्थिर चर जगत बचावे, शुभ कर्म नर लाता |

राम प्रताप मैया की शुभ दृष्टि चाहता || जय

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Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata,

Tumko Nishdin Sevat, Har Vishnu Vidhata.

Om Jai Lakshmi Mata


Uma Rama Bharmani, Tum Hi Jag Mata,

Surya Chandrma Dhyavat Naard Rishee Gata.

Om Jai Lakshmi Mata


Durga Roop Niranjani, Sukh Sampati Data,

Jo Koi Tum Ko Dhayata, Riddhi Siddhi Pata.

Om Jai Lakshmi Mata


Tum Patal Nivasini, Tum Hi Shubh Data,

Karam-Prabhav-Prakashini, Bhav Nidhi Ki Trata.

Om Jai Lakshmi Mata


Jis Ghar Main Tum Rahti, Sub Sadgun Aata,

Sub Sambhav Ho Jata, Man Nahi Ghabrata.

Om Jai Lakshmi Mata


Tum Bin Yagya Na Hove, Vastra No Koi Pata,

Khan-Pana Ka Vaibhav, Sub Tumse Pata.

Om Jai Lakshmi Mata


Shubhgun Mandir Sundar, Sheerodadhi Jata,

Ratan Chaturdhsh Tum Bin, Koi Nahi Pata.

Om Jai Lakshmi Mata


Mahalakshmi Ji Ki Aarti, Jo Koi Nar Gata,

Urr Anand Samata, Pap Utar Jata.

Om Jai Lakshmi Mata

Sthir Char Jagat Bchaye Shubh Karam Nar Lata,

Ram Pratap Maiya Ki Shubh Drashti Chahta.

Om Jai Lakshmi Mata


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